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Alpha Heal

Anti-septic Cream for Wounds, Cuts & Burns(20 gm)
Price: 224.00
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(Price inclusive of all taxes)

  • 100% Pure ayurveda

In Stock

Alpha Heal: Ayurvedic Medicine for Fast Healing Wounds

For any wounds, scratches, burns, insect bites, minor cuts, or any kind of scrapes, the best Ayurvedic antiseptic cream and Ayurvedic wound healing cream is Alpha Heal.

Features of Alpha Heal:

Alpha Heal consists a combination of many ayurvedic herbs that have the capability of being a wound healing ayurvedic medicine. Some of the herbs found in Alpha Heal are:

  1. Curcuma Amada or Turmeric: It is a spice very commonly used in food and also is very effective antiseptic properties in the Indian sub-continent and neighbouring countries.

  2. Kapur Kachari or Hedychium spicatum: It has healing properties.

  3. Amla or Indian Gooseberry: It helps to build the immune system since it is rich in Vitamin C.

  4. Baheda or Terminalia Bellirica: It reduces inflammation, especially when fast healing is required.

  5. Nutmeg: It helps to relieve pain.

  6. Neem or Azadirachta indica: It has anti-inflammatory properties.

  7. Gokhru: It has anti-microbial properties.

  8. Jamun or Java Plum: It has astringent property, contains polyphenols and protects from blood clots and prevents infection.

  9. Karonda or Carissa carandas: It is effective to treat fresh and infected wounds, skin diseases etc.

  10. Paan or Betel leaves: It has healing properties.

  11. Aloe Vera: It has cooling and healing properties.

Benefits of Alpha Heal, Ayurvedic medicine for healing wounds:

  1. It has anti-bacterial properties to help relieve inflammation.

  2. It can fight bacteria that is found on the skin and prevent bacteria from entering the body via an open wound, hence it is affective in treating bacterial skin infections.

  3. It also helps the blood from clotting on the wound, but it will prevent the wound or cut from bleeding further.

  4. Alpha HEAL also treats the skin, so there will be no scarring and the skin will stay protected.

  5. It is also effective in removing sting and provide relief from pain in case of insect bites, and heal the inflamed area.

  6. It is also effective on minor burns or boils or sunburns and provides a cooling affect.

  7. It is also great to treat skin rashes, small abrasions, minor cuts etc.

  8. It is also an effective Ayurvedic medicine for fast healing wounds and safe to apply to kids if they are wounded.

  9. It is also great in healing dry skin, chapped lips etc., and provides fast healing by repairing cracks.

  10. It is also effective to treat common skin afflictions like warts, acne, etc.

How to Use:

Clean the wound under clean drinking water, pat the area dry with a clean towel and apply Alpha HEAL on the wounded area. Cover the wound with a sterile adhesive bandage, if needed. Keep the dressing clean by changing it every 12 hours. Keep the wound dry by using waterproof dressings, which will allow you to take showers. Wounds can be painful, so consider taking Alpha 1 while the wound heals. Consult with a doctor, if the wound is taking too long to heal or if it looks infected.

Alpha Heal is one of the most trusted Ayurvedic medicine for wound healing and is available to buy online from the Alpha Arogya website and Amazon Shopping Portal.

 

अल्फा-हील (Alpha-Heal): आयुर्वेदिक घाव भरने वाली दवा

अल्फा हील (Alpha-Heal) किसी भी घाव, खरोंच, जलन, कीड़े के काटने, मामूली खरोंच या किसी भी प्रकार के खरोंच के लिए, सबसे अच्छा आयुर्वेदिक (एंटीसेप्टिक क्रीम)घाव भरने वाली क्रीम है।

अल्फा हील की विशेषताएं:

अल्फा हील में कई आयुर्वेदिक जड़ी बूटियों का एक संयोजन होता है, जो घाव भरने वाली आयुर्वेदिक दवा होने की क्षमता रखते हैं। अल्फा हील में पाए जाने वाली कुछ जड़ी-बूटियाँ हैं:

  1. अम्बा हल्दी(Curcumba Amada): यह एक मसाला है जिसे आमतौर पर भोजन में उपयोग किया जाता है, और यह भारतीय उप-महाद्वीप और पड़ोसी देशों में एक बहुत ही प्रभावी एंटीसेप्टिक गुणकारी जड़ी-बूटि है।

  2. कपूरकचारी(Hedychium spicatum): इसमें एंटीसेप्टिक(Healing) गुण होते हैं।

  3. आंवला(Gooseberry) या भारतीय आंवला: यह विटामिन-सी से भरपूर होने के कारण प्रतिरक्षा प्रणाली को बनाने में मदद करता है।

  4. बहेडा(Baheda) या टर्मिनलिया बेलिरिका: यह सूजन को कम करता है, खासकर तब जब शीघ्र उपचार की आवश्यकता होती है।

  5. जायफल(Nutmeg): यह दर्द से शीघ्र राहत दिलाने में मदद करता है।

  6. नीम(Neem) एज़ादिरच्टा इंडिका: इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी(Anti-inflammatory) गुण होते हैं।

  7. गोखरू(Bunion): इसमें एंटी-माइक्रोबियल(Anti-microbial) गुण होते हैं।

  8. जामुन(Java Plum) या जावा बेर: इसमें कसैले(astringent) गुण होते हैं, इसमें पॉलीफेनोल होता है और यह रक्त के थक्कों से बचाता है और संक्रमण को रोकता है।

  9. करौंदा(Karounda) या कैरिसा कारिंदा: यह ताजा और संक्रमित घावों, त्वचा रोगों आदि के इलाज के लिए प्रभावी है।

  10. पान या सुपारी: इसमें हीलिंग गुण होते हैं।

  11. एलोवेरा(Aloe Vera): इसमें शीतलन और हीलिंग गुण होते हैं।

घाव भरने के लिए आयुर्वेदिक दवा, अल्फा हील के फायदे:

  1. इसमें सूजन को दूर करने में मदद करने के लिए एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं।

  2. यह उन बैक्टीरिया से लड़ सकता है, जो त्वचा पर पाए जाते हैं और बैक्टीरिया को खुले घाव के माध्यम से शरीर में प्रवेश करने से रोकते हैं, इसलिए यह बैक्टीरिया के त्वचा संक्रमण का इलाज करने में सक्षम है।

  3. यह घाव पर खून को जमने में भी मदद करता है, और आगे खून बहने से भी रोकता है।

  4. अल्फा हील त्वचा का भी इलाज करता है, इसलिए कोई दाग नहीं होगा और त्वचा सुरक्षित रहेगी।

  5. यह कीट के काटने के दर्द और सूजन वाले क्षेत्र को ठीक करने में भी प्रभावी है।

  6. यह मामूली जलन, फोड़े या धूप में जलने पर भी प्रभावी है, और शीतलन प्रभाव प्रदान करता है।

  7. यह त्वचा पर चट्ठे, छोटे घर्षण, मामूली कट आदि का इलाज करने के लिए भी बहुत अच्छा है।

  8. यह तेजी से ठीक होने वाले घावों के लिए एक प्रभावी आयुर्वेदिक दवा है, और बच्चों के घायल होने पर उन्हें लगाने के लिए सुरक्षित है।

  9. यह सूखी त्वचा, फटे होंठ आदि को ठीक करने में भी बहुत अच्छा है, और दरारें भर कर तेजी से ठीक करता है।

  10. यह आम त्वचा के दर्द जैसे मस्सा, मुहांसे आदि के इलाज के लिए भी प्रभावी है।

उपयोग की विधि:

गरम पानी से चोटिल जगह को अच्छी तरह साफ़ कर लें। इसके बाद अल्फा हील (Alpha-Heal) एक साफ़ उँगली पर लेकर पूरे घाव को घेरते हुए उसके ऊपर लेप लगा दें, चोटिल हिस्से को खुला छोड़ सकें तो बेहतर है, अन्यथा पट्टी बाँध दें। ताजा घाव होने पर 12 घंटे के बाद पुनः इस कार्य को करें। तीन-चार बार मरहम(क्रीम) पट्टी में ही घाव ठीक होने तक लगाये। घाव ठीक होने तक इसे नियमित रूप से लगाएँ। अल्फा-हील (Alpha-Heal) को लगाने से घाव का निशान नहीं रहता है। ज्यादा चोट लगने पर चिकित्सक से परामर्श ज़रूर ले।

घाव भरने के लिए अल्फा हील (Alpha-Heal) सबसे भरोसेमंद आयुर्वेदिक दवा और एंटीसेप्टिक क्रीम में से एक है, जो अल्फा आरोग्य वेबसाइट और अमेज़न शॉपिंग पोर्टल (Amazon shopping portal) से ऑनलाइन खरीदने के लिए उपलब्ध है।

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