ALPHA HEALTH PROTECTION KIT

Ayurvedic Medicine For Cough

वर्तमान महामारी से बचाव के लिए क्या हम कोई दवाई ले रहे हैं?


ये एक महामारी है. कुछ दिनों तक घर में बैठकर आप स्वयं को निश्चिन्त कर रहे हैं कि आप इसके कीटाणु से सुरक्षित हैं. लॉक डाउन टूटने के बाद:

१. क्या आप बाहर नहीं निकलेंगे और नाते-रिश्तेदारों से पूरी दुरी बना लेंगे?
२. बच्चों की स्कूल वर्तमान में तो बंद है फिर भी वो अपने दोस्तों के साथ नहीं खेलेंगे?
३. शादी ब्याह या अन्य कोई सामाजिक कार्य में आपकी उपस्थिति नहीं होगी?
४. दूकान और ऑफिस खोलकर अपने साथी कर्मचारियों के साथ काम नहीं करेंगे?

हमेशा के लिए घर में बंद रहना कोई इलाज नहीं है. इसलिए पूरी-पूरी संभावना है कि उपरोक्त किसी गतिविधि में हिस्सा लेने के कारण हम या हमारे परिवार का कोई सदस्य भविष्य में इस बीमारी से ग्रस्त हो जाएँ. पुराने रोग चिकन गुनिया के मरीजों से उनका हाल पूछ लें, आज भी रोज़ शाम को उनके शरीर में अकड़न आ जाती है. यदि इस महामारी का वायरस एक बार शरीर को लग गया तो मरते दम तक साथ ना छोड़ेगा. जहाँ आपका शरीर कमज़ोर पड़ा, इसका वायरस अपने विकराल स्वरुप में आकर शरीर खा जाएगा.

मृत वायरस वाली इस बीमारी से बचने का क्या कोई उपाय है? जो खुद मृत है उसको आप कैसे नष्ट करोगे? ज्यादा दिमाग लगाने का कोई फायदा नहीं है. इसका इलाज स्वयं को मज़बूत करने में है. सोचने का विषय है कि हमारा शरीर इतना मज़बूत कैसे बने जिससे कि महामारी के इस वायरस का हम पर कोई दुष्प्रभाव ना हो.

सिर्फ और सिर्फ आयुर्वेद में ही इसका निदान है. जब रोग नहीं है, तब ऐसी औषधि का सेवन किया जाए जिससे कि शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढे (A1). बीमारी के कुछ लक्षण दिखने पर उसका निदान किया जाए (A 21). बीमारी के ज्यादा लक्षण दिखने पर उसका दूसरी औषधि से निदान करके रोग को वहीँ ख़त्म कर दिया जाए (A 11).

इन औषधियों का निर्माण हमारी कंपनी के द्वारा किया जाता है. उपरोक्त वर्णित तीनों औषधियाँ एक किट में उपलब्ध है जिसे की हमने अल्फा एच.पी.के. (Alpha HPK - Alpha Health Protection Kit) के नाम से प्रस्तुत किया है. इसमें तीन प्रकार की औषधियाँ है अल्फा 1 (2 बोतल), अल्फा 21 और अल्फा 11 (प्रत्येक की एक बोतल). अभी तक के अनुभवों के अनुसार इन औषधियों के चमत्कारिक परिणाम आए हैं. आपसे निवेदन है कि अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा के लिए इन्हें अपनाएं.

अल्फा एच.पी.के. (Alpha HPK - Alpha Health Protection Kit) सेवन की विधि


इस किट में तीन प्रकार की औषधियाँ है अल्फा १ (२ बोतल), अल्फा २१ और अल्फा ११ (प्रत्येक की एक बोतल). प्रत्येक शीशी में 10 ML औषधि है. एक सामान्य व्यक्ति के लिए ये प्रयाप्त मात्रा है |

अल्फा १ – मनुष्य की प्रतिरोधी क्षमता बढाने के लिए ये औषधि ली जाती है | एक ग्लास कुनकुने पानी में तीन बूँदें अल्फा १ की डालकर सुबह उठने के पश्चात और रात को सोने के पहले इसका सेवन करें| यदि आप किसी महामारी से ग्रस्त हैं या आप में उसके लक्षण दिख रहे हैं तो अल्फा १ की छः-छः या आठ-आठ घंटे के अंतराल से लें | इसके लिए पहले परामर्श कर लें |

इसके अलावा एक भगोनी तेज गरम पानी में दो बूँद अल्फा १ की डालकर उसमे से निकलती हुई भाप लें. उपर से एक कपड़ा भी ओढ़ सकते हैं. किसी भी प्रकार की बंद नाक खुल जाएगी |

गर्भवती महिलाओं और आठ वर्ष से कम उम्र के बच्चों को ये ना देवें। ज्यादा से ज्यादा पानी पिएँ. बीमारी की स्थिति में दूध और पौष्टिक आहार लेना जरूरी है। शरीर में गर्मी बढ़ने पर इसका सेवन रोक दें | अच्छे नतीजों के लिए कच्चे प्याज़, लहसुन, अचार और मांसाहार का सेवन ना करें |

अल्फा २१ - खाँसी से आराम पाने के लिए अल्फा २१ एक नायाब आयुर्वेदिक उत्पाद है | एक गिलास गरम पानी में चुटकी भर नमक के साथ तीन बूँदें अल्फा २१ की डालकर पानी ठंडा हो जाने दें. इसे बार-बार गरम करने जी ज़रूरत नहीं है | ये पानी चोंच वाली बोतल या बच्चों की स्कूल बोतल में डालकर रख लें| कुछ भी खाने के बाद एक घूँट इस मिश्रण का लेकर गरारा करते हुए गले से अन्दर उतार लें | जब भी खाँसी आए, पुनः एक घूँट इसका लेकर गरारा करते हुए गले से अन्दर उतार लें | ताजा खाँसी एक-दो दिन में चली जाएगी किन्तु पुरानी खाँसी को जाने में थोड़ा समय लगेगा | ज्यादा परेशानी होने पर अल्फा २१ कंठ नाल पर लगाकर हलके हाथों से फेला लें | बहुत आराम मिलेगा |

अल्फा ११ – सरदर्द, सर्दी और जुकाम में अल्फा ११ लगाईं जाती है | इसकी कुछ बूँदें ऊँगली पर लेकर माथे के उपरी हिस्से, नाक एवं उसके छिद्रों पर लगाकर हलके हाथों से मालिश करें | २4 घंटे में तीन या चार बार इसे लगाने से बहुत आराम मिलता है | ज्यादा सर्दी और जुकाम में अल्फा ११ की कुछ बूंदे हाथ में लेकर छाती और पीठ पर लगाएँ |

संभावित खतरे को ध्यान में रखते हुए ये औषधियाँ ज़रूर लेनी चाहिए | आयुर्वेदिक औषधि होने के कारण इसका कोई साइड इफ़ेक्ट या दुष्परिणाम नहीं होता है |


Are we doing anything to prevent the current global pandemic?


By sitting at home for 21 days or for a longer period, you are staying away from the virus. But, what would happen after the lockdown is lifted -

  • Won’t you leave your house?
  • Children’s schools are currently closed but for how long will you be able to restrict them from playing with their friends?
  • For how long can you maintain complete distance from your friends and relatives?
  • Will you not attend any marriages or other social gathering?
  • Won't you resume working with your fellow employees again?
  • Will you not travel again?

Human beings are social beings; it is in our nature to do whatever is necessary to stay connected with others. Staying locked in the house forever is not a cure. Therefore, there is every possibility that due to participation in any of the above activities, you, your family and friends could suffer from the virus. Today, we have a golden opportunity and enough time to make our body strong so that in future we are able to fight any kind of viruses.

In Ayurveda, we have a treasure trove of natural elements. By using the knowledge of combining these natural elements we have manufactured safe, natural and herbal Ayurvedic remedies, available in the form of Alpha HPK (Alpha Health Protection Kit).

How to use it :
Alpha 1 - This remedy is taken orally, to increase resistance against diseases and build a strong immune system. Take three drops of Alpha 1 in a glass of lukewarm water, after waking up in the morning and before going to sleep at night. Drink as much water as possible. In case of illness, you can also take a dose once every 6 or 8 hours, after consulting with the AA team. To cure blocked nose, add 1-2 drops of Alpha 1 in the steam inhaler.
It is important to consume milk/milk products and a nutritious diet along with Alpha 1. For better results, stop the consumption of raw onion, garlic, pickles and non-veg food.
Do not give Alpha 1 to children below 8 years of age and pregnant women. Stop its usage if body heat increases.

Alpha 21 - Alpha 21 is a unique Ayurvedic remedy that provides relief from cough. Take three drops of Alpha 21 in a glass of hot water with a pinch of salt and let the water cool down. Pour this solution in a bottle. After eating anything, take a sip of this solution, let the mixture stay for a few seconds in your mouth and then swallow it slowly. Whenever you cough, take a sip of it and follow the same procedure. If your cough has just started then, this guarantees that you will get relief from it in just 2 days. If you have been coughing for a few days then, continue taking Alpha 21 for 5-7 days. For persistent cough, apply 2 drops of Alpha 21 on front of your neck and rub it lightly.

Alpha 11 - Alpha 11 is used to heal headache and cold. Apply 2-3 drops of it on the temples and nose, and massage lightly. Apply it 3-4 times a day. If you are suffering from extreme cold then, apply 2-3 drops of Alpha 11 on your chest and back also.

These Ayurvedic remedies are safe to use without any side effects, and will help you stay protected against any potentially dangerous diseases. They will also help your internal organs to function properly; unlike over-the-counter meds or main stream antibiotics that have side effects and could damage your vital internal organs like liver, kidney etc.

Alpha Health Protection Kit contents must be taken in view of the potential danger.
It consists of 2 bottles of Alpha 1, 1 of Alpha 21 and 1 of Alpha 11. Each bottle contains 8 ml product. For a normal person, it is a sufficient quantity.

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