ALPHA AMRITKUND

Before taking birth, the baby is attached to the mother's stomach through the placenta that comes out of the navel. While in the mother's womb, all the time the baby gets the dose of development through this placenta. This placenta is cut at birth. An umbilical crater is formed at that place. According to informed information, there are a bunch of nerves in the posterior part of the navel which is connected to each part of the body. According to Ayurveda, keeping the navel area clean, it needs to be nourished through lubricating oil. Here we are discussing the importance of the same.
There are many types of oils available in India. Everyone has their own preferences. The need to understand is that after putting it in the navel, which oil produces what kind of effect in which part of the body. Our aim is to fill the life energy in each organ through the pouring of this oil. The knowledge sources of Ayurveda have given all the information about how to prepare which oil and what is the effect after adding a few drops through the navel in the human body by mixing other oils.
After deep study of this, we have brought Alpha Amrit Kund for you. Alpha Amrit Kund is a unique and magical product to remove any kind of raj. It is the precious gift of nature to human beings. In any stage of arthritis, regular use of Alpha Amrit Kunda removes the root of arthritis. If you are going to get a knee replacement then stop for only two months, use Alpha Amrit Kunda. Perhaps you will not need to go for the knee operation.
To see the effect of Alpha Amrit Kund, use it regularly for at least one month. It is a complete Ayurvedic product. Its use does not cause any side effect.


बच्चा जन्म लेने के पूर्व माँ के पेट में नाभि से निकली हुई नाल के माध्यम से जुड़ा रहता है | माँ के गर्भ में रहते हुए पुरे समय उसे इसी नाल के माध्यम से विकास की खुराक प्राप्त होती है | जन्म के समय इस नाल को काट दिया जाता है | उस स्थान पर नाभि का गड्ढा बन जाता है | ज्ञान सम्मत जानकारी के अनुसार नाभि के ठीक पीछे वाले हिस्से में नाड़ियों का गुच्छा होता है जो कि शरीर के प्रत्येक अंग से जुड़ा होता है | आयुर्वेद के अनुसार नाभि स्थान को साफ़ रखते हुए उसे तेल की चिकनाई के माध्यम से पोषित करने की ज़रूरत होती है | यहाँ हम उसी के महत्व की चर्चा कर रहे हैं |
भारत में बहुत प्रकार के तेल उपलब्ध हैं | सबकी अपनी-अपनी तासीर होती है | समझने की ज़रूरत इस बात की है कि नाभि में डालने के पश्चात् कौन सा तेल शरीर के किस अंग में किस प्रकार का प्रभाव पैदा करता है | हमारा उद्देश्य इस तेल डालने के माध्यम से प्रत्येक अंग में प्राण ऊर्जा भर देना है | आयुर्वेद के ज्ञान सूत्रों में इस विषय में समस्त जानकारी दी हुई है कि कौनसा तेल किस प्रकार से तैयार करने और अन्य तेलों के मिश्रण से मनुष्य के शरीर में नाभि के माध्यम से कुछ बूँदें डालने के बाद क्या प्रभाव पड़ता है |
इसका गहन अध्ययन करने के पश्चात् हम आपके लिए अल्फा अमृत कुण्ड लेकर आए हैं | किसी भी प्रकार के राज-रोग को दूर करने के लिए अल्फा अमृत कुण्ड एक नायाब और जादुई उत्पाद है | ये मनुष्य-मात्र को प्रकृति का अनमोल उपहार है | किसी भी स्तर के गठिया का रोग में अल्फा अमृत कुण्ड के नियमित उपयोग से गठिया का रोग जड़ से दूर हो जाता है | यदि आप घुटने बदलवाने के लिए जा रहे हैं तो सिर्फ दो माह रुक जाएँ | अल्फा अमृत कुण्ड का उपयोग करें | शायद आपको घुटने बदलवाने की जरुरत नहीं पड़ेगी |
अल्फा अमृत कुण्ड का असर देखने के लिए कम से कम एक माह तक नियमित इसका उपयोग करें | यह एक सम्पूर्ण आयुर्वेदिक उत्पाद है | परामर्श के बाद इसके इस्तेमाल से किसी भी प्रकार का दुष्परिणाम नहीं होता है |

Ayurvedic Medicine For Skin

How to use/उपयोग की विधि :-

Put three drops of Alpha Amrit Kunda in your navel and place a finger on its tip and shake it for one or two minutes. With this, the Alpha Amrit Kunda will penetrate to the inside of navel. After taking bath in the morning and before going to sleep at night, add Alpha Amrit Kunda twice a day. Any kind of secret disease will go away and you will always be healthy and happy.

अल्फा अमृत कुण्ड की तीन बूँदें अपनी नाभि में डालकर एक ऊँगली को उसके सिरे पर रखकर एक-दो मिनट तक हिलाएँ. इससे अल्फा अमृत कुण्ड नाभि के अन्दर तक समा जाएगा. सुबह नहाने के बाद और रात को सोने के पहले, दिन में दो बार अल्फा अमृत कुण्ड डालें. किसी भी प्रकार का राज-रोग दूर हो जाएगा और आप सदेव स्वस्थ और प्रसन्न रहेंगे.

Ingredients/घटक: -

Cow ghee, Base oil, Eucalyptus oil, Long Oil (Clove), Menthol oil, Jasmine oil, Coconut Oil, Mustard oil (mix of home), Ground Nut, Olive oil, Almond oil, Cottonseed oil, Flaxseed oil, Castor oil, Karanja oil, Sesame, Nigella oil, Neem oil.

गाय का घी, बेस आयल, निलगिरी का तेल, लॉन्ग का तेल, पोदीना का तेल, चमेली का तेल, नारियल का तेल, सरसों का तेल, मूंगफली का तेल, जैतून का तेल, बादाम का तेल, कपास्या का तेल, अलसी का तेल, अरंडी का तेल, करंज का तेल, तिल्ली, कलौंजी का तेल, नीम का तेल |

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