ALPHA 21

कोरोना वायरस. अरे बाप रे, चीन से आई ये तो एक जान लेवा बीमारी है. पर ये क्या है?

जैसा कि बताया जा रहा है, ये एक संक्रमण के रूप में फेलने वाली बीमारी है. इसका वायरस मनुष्य के गले (कंठ नाल) में पैदा होता है और बढ़ते हुए फेफड़ों पर आक्रमण कर देता है. व्यक्ति में खांसी और जुकाम के लक्षण दिखते हैं, नाक से पानी बहने लगता है, साँस लेने में परेशानी होती है और अन्तत उसकी मौत हो सकती है.

यदि ये बीमारी मुझे लग गई तो क्या मेरी जान भी जा सकती है? क्या इससे बचाव का कोई उपाय है ????

हाँ है, बिलकुल है.

भारत के प्राचीन आयुर्वेदिक ज्ञान के संग्रह में प्रत्येक बीमारी का निदान है. उसी संग्रह से निकाल कर अल्फा आरोग्य ने कोरोना वायरस जैसी बीमारी से बचाव एवं निदान के लिए ‘अल्फा 21’ जैसे उत्पाद प्रस्तुत किए है. ये एक असरकारक और बहुत महत्वपूर्ण उत्पाद है. ये मनुष्य-मात्र को प्रकृति का अनमोल उपहार है. पुर्णतः आयुर्वेदिक उत्पाद होने के कारण इसका मनुष्य के शरीर पर कोई भी दुष्प्रभाव नहीं होता है.

A new strain of virus called Coronavirus, which appears to have originated in China is spreading rapidly and crossing borders. It is a kind of common virus that causes an infection in your nose, sinuses, or upper throat. The virus causes fever as well as respiratory symptoms: dry cough, difficulty breathing. It can also cause diarrhea and body aches. Symptoms in severe cases include pneumonia, kidney failure and even death, according to the World Health Organization.

Coronavirus is "highly infectious," according to China's Bureau of Disease Prevention and Control. Like cold and flu bugs, it is thought to be spread via droplets when a person coughs or sneezes. The droplets land on surfaces and are picked up on the hands of others and spread further. People catch the virus when they touch their infected hands to their mouth, nose or eyes.

Ayurvedic Medicine For Cough

How to use/ उपयोग विधि (बचाव के लिए): -

१. एक गिलास (225 – 250 ml) कुनकुने पानी में थोड़ा सा नमक और अल्फा 21 की 3 बूँदें मिला लें. उस पानी को बार – बार गर्म करने की ज़रूरत नहीं है |

२. पहले दिन हर 2 – 2 घंटे के अंतराल से एक घूँट का गरारा करके उस पानी को निगल जाएँ |

३. इसका सेवन 8 से 10 दिनों तक नियमित रूप से करें |

४. यदि आप पहले से ही खाँसी से ग्रसित हों तो उस स्थिति में जब भी खाँसी आए, आने वाली हो, ठसका लगे या लगने वाला हो तो एक घूँट का गरारा हर बार कर लें |

५. बीमारी की गंभीरता की स्थिति में चिकित्सक से परामर्श ज़रूर लें |

1. Mix 3 drops of Alpha 21 and ¼ tsp. salt in a glass of lukewarm water. Stir well.

2. Once every 2 hours, take a sip, gargle and swallow the liquid.

3. Dosage can be increased if you have persistent cough. As it is an Ayurvedic medicine, there are no side effects.

4. To help clear up your infection completely, keep taking this medicine for 10 days, even if your condition has improved. Do not miss any doses.

5. Alpha 21 should be applied 3-4 times a day, depending upon the severity of problem.

Ingredients/घटक: -

आवला, नीम, गुड़हल का फूल, पारिजात, बिल्बपत्र, चन्दन, पुदीना, अजवाइन का फूल, कपूर, लौंग, अदरक, काली मिर्ची, मुलेठी, बेस ओइल.

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